Tripti Tripathi
उसने कहा- सुकून लिखो,
मैंने लिखा- “तृप्ति का मुस्कुराना”
उसने कहा- इबादत लिखो,
मैंने लिखा- “तृप्ति की चाहत”
उसने कहा- ज़िंदगी लिखो,
मैंने लिखा- “तृप्ति का एहसास”
उसने कहा- ग़ज़ल लिखो,
मैंने लिखा- “तृप्ति की बातें”
#Goodmorning_X
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