neelam
एक शाम सुकून भरी
किसी के साथ
भले न कोई आस
थोड़ा पास-पास
हाथो मे हाथ थामे
एक-दूसरे को अपलक निहारते
कुछ बुदबुदाते
भले न आये कुछ समझ
पर मटकती आंखो-बहकती सांसों से
मिलता आमंत्रण
इस सुकून भरी शाम मे खो जाये,
बस महसूस करे,
ठिठुरते जिस्म को गर्म आलिंगन,
हाय सुकून भरे ये ख्वाब🔥
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