PRIYA SHARMA तेरी बाहों में सिमटकर ये रात जवां हो जाए, जिस्म की हर सरगोशी एक अरमान बन जाए। तेरी छुअन से धड़कनों में आग सी लगती है, हर सांस तेरे करीब आने की जिद करती है। इस चांदनी रात में बस तू और मैं रह जाएँ, मोहब्बत की गर्मी में हर फासला मिट जाए।