PRIYA SHARMA तेरी बाहों में रात गुज़र जाए, ये दिल बस यही दुआ करता है, तेरे जिस्म की गर्मी में खोकर, हर लम्हा नशा सा चढ़ता है। धीरे-धीरे तू करीब आए, सांसों का सिलसिला बढ़ जाए, फिर इस कदर मिलें हम दोनों, कि वक्त भी ठहर सा जाए।