K A M Y A ❤️ नशीली ❤️ रात नशीली, बात नशीली , चाँद भी कुछ खोया-खोया सा है, हवाओं में तेरी यादों का ही साया सा है। तारों की चमक में तेरी मुस्कान झलकती है, ये खामोशी भी जैसे तुझसे ही बातें करती है। ✨