PRIYA SHARMA तेरी नजरों में जो नशा है वो शराब में कहाँ, तेरे होंठों की मिठास किसी गुलाब में कहाँ। जब तू करीब आती है तो दिल बेकाबू हो जाता है, ऐसी तड़प किसी और ख्वाब में कहाँ।