Pravin Patel ओ तकदिर लिखने वाले एक एहसान लिखदे मेरी दीदी के तकदीर में एक मुस्कान लिखदे ना मिले जिंदगी में दर्द कभी भी उसको चाहे उसके तकदीर में मेरी जान लिख दे