neelam
तेरा जी भर यूं देखना
लरजते उतार चढ़ाव भरे बदन मे
उलझी तेरी नजरे
खामोश इशारे से
होती झनझनाहट
स्पर्श की सोच मे ही
चढ़ रहा है सुरूर
मेरी सांसो का उतार चढ़ाव
दे रही मौन स्वीकृति
कोहरे-ठिठुरन
ये तो है मौका ए दस्तूर
आलिंगन में भरकर
समा जाने का
आओ लगाते हैं डुबकी
खो जाते है 🔥
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