Gunjan Agrawal
वह बोली-“सुनो बहुत याद आ रही है मुझे तुम्हारी”,
उसने कहा-“क्या मुझे नहीं”?
इसके बाद शब्दों में मौनता थी
सिर्फ दोनों की आंखें बोल रहीं थीं ,
कभी नम होकर तो कभी बहकर
जो यह कह रहीं थीं कि
प्रेम में दूरी मायने नहीं रखती
अगर जुड़ाव एहसासों से जुड़ा हुआ हो तो.!!
गुंजन शिशिर
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