सुनीता पाण्डेय ‘सुरभि’🪈🦚🪷🪄🕉️
ऐसा रँग डालो मुझे,होली में इस बार।
अंग-अंग में बस दिखे, मोहन तेरा प्यार।।
मोहन तेरा प्यार,रँगे सब तन-मन मेरा।
तू मुझमें ही रँगें,चढ़े रँग मुझ पर तेरा।
करदो दीन दयाल, मुझे राधा के जैसा ।
मै तो हुई निहाल,श्याम रँग डालें ऐसा।
-सुनीता पाण्डेय ‘सुरभि’
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