Priyali राधे राधे 🙏✨ बहुत लोग खेल खेलते हैं, चालाकियाँ भी कम नहीं होतीं। पर मैंने कृष्ण को अपना मान लिया, फिर डर कैसा, घबराहट कैसी। लोग तो फिर भी मिलते हैं वैसे ही, बस अब मैं मुस्कुरा कर हर चाल समझ लेती हूँ। 💛🌿 शुभ प्रभात ✨