Piyano
वो फिर से जलाना चाहते हैं मुझे
किसी ने बताया नहीं उन्हें
कि राख में आग नहीं लगती
मैं वो कहानी हूँ जो मिटकर भी अमर रहती है
मैं वो खामोशी हूँ जो तूफानों से भी लड़ती है
जिन्होंने सोचा था कि खत्म कर देंगे मुझे
उनको क्या पता
मैं राख से नहीं, फिर से चिंगारी से जन्म लेती हूँ।
किरदार मेरा सूरज जैसा है जनाब
डूबती जरूर हूँ
मगर हर रात के बाद
दोगुनी रोशनी के साथ निकलती हूं
जलाने वाले जलते रहेंगे उम्र भर
क्योंकि शेर को मिटाने की कोशिश में
कभी जंगल नहीं जलता
बस उनकी सोच राख बन जाती है
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