Ravina Mishra🧚♀️
आंसुओं में धुली खुशी की तरह
रिश्ते होते हैं शायरी की तरह
जब कभी बादलों में घिरता है
चांद लगता है आदमी की तरह
किसी रोज न किसी दरीचे से
सामने आओ रौशनी की तरह
सब नज़र का फरेब है वर्ना
कोई होता नहीं किसी की तरह
जानती हूँ कि एक दिन मुझको
वक़्त बदलेगा डायरी की तरह।
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com
