Madhuri कुछ बोल न सके ऐसा सदमा लगे तुझे रूह चखती तो तेरी और हंसना पड़े तुझे कुछ इस तरह मोहब्बत का सिलसिला चले कैसे टूटता है दिल तुझे भी तो पता चले