Naina Mehta अपनी खिड़की से दिखता आकाश ही पूरा नहीं होता, दूसरों के आँगन की गिनती में नज़र उलझ जाए तो रास्ता खो जाता है। जो अपने दीपक की लौ संभाल ले, उसे परछाइयों का हिसाब नहीं रखना पड़ता। शुभ प्रभात। शुभ गुरुवार। #सुप्रभात_वंदन