Naina Mehta साड़ी में नारी का रूप जितना कोमल होता है। श्रृंगार उसे उतना ही गहरा और अर्थपूर्ण बनाता है। दोनों मिलकर प्रेम, परंपरा और पहचान रचते हैं। शुभ प्रभात। शुभ शुक्रवार।