Pooja Tiwari गर हासिल हों सबकुछ तो फ़िर खाक ये ज़िंदगी, वो काफ़िला ही क्या जिससे मंज़िल जुदा ना हो। दर्द-ए-दिल से ही तो है शबाब-ए-ज़ीस्त 'पूजा', बे-कैफ़ वो दिल भी क्या, जो कभी टूटा ना हो। #पूजा 🫰🥀 #हर_घर_खुशहाली