सारिका सिंह कुछ शौक है मेरे कुछ जज़्बात है मै हूँ आजाद परिंदा पँख आजाद है जिस डाल पर चाहूँ बसेरा हो जिस खेत चाहूंगी दाना चुग जाऊ वही सबेरा है आयी हूँ पता करने यहाँ कौन कौन दीवाना मेरा है 💋💋🥰🥰🥰