Naina Singh
रात की तन्हाई मे तेरी याद कुछ ऐसे आती है 💋🥰💖
जैसे तेरा एहसास मेरे बदन को सहलाती है 💖♥️💋❤️✨
जिस्म मे आग कुछ भड़कती है ऐसे 💋🥰💖
मेरे अंदर ही तू समाया हो जैसे 💖♥️💋
तेरे जिस्म की गर्मी मेरे जिस्म की आग को ऐसा भड़काता है 💋🥰💖
जैसे ज़ालिम भवड़ा फूल को सहलाता है
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