Gunjan Agrawal किसी अपने का अचानक से पराया हो जाना, किसी सुई की तरह चुभता है.. जो धीरे-धीरे हमारे भीतर जहर की तरह फैलता है और न सिर्फ हमें बल्कि हमारी आत्मा को भी मार देता है..!!!! गुंजन शिशिर