Ravina
बुद्धियुक्तो जहातीह उभे सुकृतदुष्कृते।
तस्माद्योगाय युज्यस्व योग: कर्मसु कौशलम्।
:-भक्ति में संलग्न मनुष्य इस जिवन में ही अच्छे तथा बुरे कार्यों से अपने को मुक्त कर लेता है। अतः योग के लिए प्रयत्न करो क्योंकि सारा कार्य कौशल यही है।
शुभ प्रभात मित्रों।
राधे कृष्णा।
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com
