
Gupta Manjari
ढेरों राज़ छुपाए मेरा ये अंतर्मन,
ढेरों दर्द छुपाए मेरा ये अंतर्मन
कभी किसी से दर्द बांटना चाहे मेरा ये अंतर्मन,
लेकिन मन का मन ही में रखे जाए मेरा ये अंतर्मन
युद्ध छिड़ा है इस मन में, सुलग रहा मेरा ये अंतर्मन,
खुद में ही झकझोर रहा, थक चुका है मेरा ये अंतर्मन
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