3:15 am Monday , 3 August 2026
BREAKING NEWS

ऊँ कृष्णाय नम:- Ravina

Ravina

यं हि न व्यथयन्येते पुरुषं पुरुषर्षभ।
समुद:खसुखं धीरं सोऽमृतत्वाय कल्पते।

:- जो पुरुष सुख तथा दु:ख में विचलित नहीं होता और इन दोनों में समभाव रखता है, वह निश्चित रूप से मुक्ति के योग्य है।

ऊँ कृष्णाय नम: ।
शुभ प्रभात मित्रों।

विज्ञापन एक्सप्रेस