Ravina
बीमार दिल को सुलाने चली हूँ
यादों की बस्ती बसाने चली हूँ
यहाँ उठ रही हैं हृदय में हिलोरें
वहाँ कर रही होंगी, यादें किलोरें
यादों से घायल दिल सुलानें चली हूँ
यादें भड़कती हैं बनकर के शोले
जलता है दिल बनकर के शोले
इसी बोल पे दिल लुटाने चली हूँ
बीमार दिल को सुलाने चली हूँ
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