Pushpa Pathak श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस विकार॥ 🙏🙏जय वीर बजरंगबली 🙏🙏