Ravina Mishra एते चांशकला: पुंस: कृष्णस्तु भगवान् स्वयम् इन्द्रारिव्याकुलं लोकं मृडयन्ति युगे युगे।। :- यहाँ सारे अवतारों की अंशकलाओं अथवा पुर्णकलाओं की बात होती है किन्तु श्रीकृष्ण तो स्वयं भगवान् हैं। शुभ प्रभात मित्रों और शुभ मंगलकामनाएँ