Ravina Mishra धरती को आकाश पुकारे आजा आजा प्रेम दुआरे आना हीं होगा, तुझे आना हीं होगा इस दुनिया को छोड़ के सारे झूठे बंधन तोड़ के सारे जाना हीं होगा, तुझे जाना हीं होगा।