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***** कम लोड पर भी हजारों का बिल।
बदायूं 22 जुलाई।
बिजली विभाग के स्मार्ट मीटर लगाने के दावे भले ही पारदर्शिता और सटीक बिलिंग के लिए किए गए हों, लेकिन अब यही मीटर आम जनता के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। शिविर में सबसे ज्यादा शिकायते स्मार्ट मीटर की आ रही है।
कई उपभोक्ताओं की शिकायत है कि उनका वास्तविक मासिक बिजली खर्च 800 से 1000 रुपये के आसपास होता है, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल 5000 से 6000 रुपये तक पहुंच रहा है।
आम लोगों का कहना है कि जब वे बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत लेकर जाते हैं तो उन्हें सिर्फ एप्लीकेशन देने की बात कह दी जाती है। लेकिन एप्लीकेशन देने और कई बार चक्कर काटने के बावजूद न तो मीटर की कोई जांच होती है और न ही बिल में कोई सुधार।
बिजली विभाग पनबाडिया में लगी है लंबी-लंबी लोगों की लाइन । लाइन में लगे लोगों का कहना है कि पहले बिल 900 से 1100 के बीच आता था, लेकिन इस बार 5000 से कम नहीं आता है
शिविर की लाइन में लगे शहर के कई मोहल्ले के लोगों का कहना है कि मीटर बंद रहने के बावजूद हजारो का बिल आ रहा है, आखिर यह कैसे संभव है क्या बिजली मीटर रीडर की कारस्तानी हैं।
अब सवाल यह है कि आखिर स्मार्ट मीटर से लगातार गड़बड़ी क्यों हो रही है? इसका जबाब विभाग के अधिकारियो के पास नहीं है,वह तो लाइनमैन लेकर बकाया में बिजली कट करने पहुंच जाते हैं।
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