सच की आड़ में ही तो,
झूठ पनपता होगा ।
चाहत को पाने की खातिर
ईष्या का बीज भी उपजा होगा।
सुख के दिन जब आते हैं तो,
दर्द की आहट भी होगी ।
सुबह के आंचल में ही तो,
रात भी सिमटी होगी ।
जीने की उम्मीद में ही तो,
मृत्यु को आना होगा ।
सच की आड़ में ही तो,
झूठ पनपता होगा ।
प्रियंका विवेक सिंह
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com
