12:42 am Monday , 20 July 2026
BREAKING NEWS

वट सावित्री व्रत/ज्येष्ठ अमावस्या/बड़मावस

वट सावित्री व्रत सौभाग्य को देने वाला और संतान की प्राप्ति में सहायता देने वाला व्रत माना गया है। भारतीय संस्कृति में यह व्रत आदर्श नारीत्व का प्रतीक बन चुका है। इस व्रत की तिथि को लेकर भिन्न मत हैं। स्कंद पुराण तथा भविष्योत्तर पुराण के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को यह व्रत करने का विधान है, वहीं निर्णयामृत आदि के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या को व्रत करने की बात कही गई है। ज्येष्ठ अमावस्या को ही बड़मावस के नाम से जाना जाता है। इसे बरगदाही अमावस्या भी कहते हैं।

विज्ञापन एक्सप्रेस