Seema Sharma जब भी थामा है तेरा हाथ तो देखा है लोग कहते हैं के बस हाथ की रेखा है हमने देखा है दो तक़दीरों को जुड़ते हुए आज कल पाँव ज़मीं पर नहीं पड़ते मेरे बोलो देखा है कभी तुमने मुझे उड़ते हुए