Seema Sharma नज़रों में ठहर जाए जो ऐसा ही सजीव है, हवा से खेलती ज़ुल्फ़ें, चाँदनी सा रूप है। सादगी में भी जिसमें कशिश बेशुमार हो, वो तस्वीर नहीं, एक हसीन एहसास है।