आज है रंगभरी एकादशी
प्रत्येक वर्ष शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को श्रीहरि विष्णु जी की उपासना का बड़ा महत्व है।
फाल्गुन माह में एकमात्र ऐसी एकादशी है, जिस दिन विष्णुजी के साथ मां पार्वती और भोलेनाथ की पूजा आराधना की जाती है।
मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से जीवन के सभी कष्टों से छुटकारा मिलता है और धन, सुख-सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
👉रंगभरी एकादशी के दिन काशी में खास रौनक देखने को मिलती है।
मान्यताओं के मुताबिक, फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन ही भोलेनाथ मां गौरी का गौना कराकर काशी लेकर आए थे। तब महादेव और माता पार्वती के आने की खुशी में सभी देवता-गणों ने दीप-आरती के साथ फूल, गुलाल और अबीर उड़ाकर उनका स्वागत किया था तब से इसे रंगभरी एकादशी के नाम से जाने जाना लगा।
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com

