Gunjan Agrawal मेरे हर एक लफ्ज़ में खुशबू तुम्हारे ही नाम की है और तुम कहते हो कि "कैसे यकीन करूं कि तुम आज भी मुझमें ही कहीं मौजूद हो"..!!! गुंजन शिशिर