Koki Tyagi जहाँ कानून और अदालतें खामोश हो जाती हैं, वहाँ कर्म अपना हिसाब खुद लिखता है और उसकी स्याही से पुश्तें रंग जाती हैं। 🙏🏻सुप्रभात🙏🏻