Tripti Tripathi
उसने कहा- उजाला लिखो
मैंने लिखा- “तृप्ति की सूरत”
उसने कहा- इबादत लिखो
मैंने लिखा- “उसकी चाहत”
उसने कहा- बंदगी लिखो
मैंने लिखा- “उसकी बातें”
उसने कहा- जिंदगी लिखो
मैंने लिखा- “उसका अहसास”
उसने कहा- सुबह लिखो
मैंने लिखा- “तृप्ति की यादें”
#Goodmorning_X
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