neelam तेरी बाँहों के इस सुलगते घेरे में, आज ज़माने की हर फ़िक्र को राख हो जाने दे..!! रूह से रूह की इस बेबाक गुफ़्तगू में, हमें एक दूजे से ये हसीन रातें चुरा लेने दे..!!