Laxmi Singh कंगन खनकते हैं तो तेरी याद आती है, बिंदी सजती है तो मुस्कान आ जाती है। कैसे कहूँ कितना चाहती हूँ तुझको, तेरा नाम लेते ही धड़कन बढ़ जाती है। 🌹