Vandana shukla
मेरे दिल के सब तारों को झनकाकर
प्यार में तेरे कितने ही सपने दिखाकर
तुमने फिर प्यार में अपना रंग दिखाया
प्यार में तुमने फिर मेरे दिल को तरसाया…….!!
मेरे दिल ने कितने ही ख्वाब सजाए थे
दिल में उम्मीदों के कितने ही दीप जलाए थे
तोड़ दिया तुमने था जो मेरे प्यार का दर्पण
कि जिस दिल में तेरे प्यार के ही साय थे……..!!
जाने क्यों प्यार में अक्सर ही ऐसा होता
प्यार में अक्सर ही हर दिल तन्हा है रोता
इतना दर्द दिल सहता फिर भी राह देखता
अपने प्यार से मिलने को बेकरार रहता…….!!
प्यार खुदा है रब है ना कुछ इससे बढ़कर
प्यार का जादू बोलता है हर सर चढ़कर
प्यार ही जग में फैला है जैसे हैं हर कण ईश्वर
प्रेम से बंधे हुए हैं अपने तन मन और परमेश्वर. ……!!
#श्री_राधे_कृष्ण_शरणम्
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