Priyanka पहले कर्मचारी की मेहनत को पहचान मिलती थी, अब सिर्फ टारगेट पूरा करने पर ध्यान है। कंपनियाँ अब इंसान को नहीं, उसके नंबर को महत्व देती हैं। यही बदलती सोच का सबसे बड़ा उदाहरण है।