neelam तेरी धड़कनों की थिरकन मेरी छाती में उतरने लगे, जब तू करीब आए तो ये रात और पिघलने लगे। होंठों से होंठों का वो खामोश सा मिलना, कि जिस्म की आंच में हर एक बंदिश जलने लगे।