VeenaShri
🌞प्रात:☕️अभिनंदन🌞
*रिश्ता” और “भरोसा”
*दोनों ही दोस्त हैं !
*”रिश्ता “रखो या ना रखो!
*किंतु
*”भरोसा” जरुर रखना
*क्योंकि कि जहां”भरोसा”होता है!
*वहां “रिश्ते”अपने आप बन जाते हैं!
🤗 सुप्रभात मित्रों 🤗
आपका दिन मंगलमय हो
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