Mahi मैं कैसे दिखाऊँ के दिल में है क्या क्या तू खुद ही क्यों मुझमें उतरता नहीं है रही जोड़ती बस मैं टुकड़े से टुकड़ा कि ऐसा नहीं दिल बिखरता नहीं है".,🥀🦋