Mahi
तुम्हें प्रेम नहीं करना चाहिए
ऐसी स्त्री से
जो बाहर से शांत,
पर भीतर से तूफ़ानों से घिरी हो
जिसकी आँखों में ठहरी हुई नमी
किसी अधूरी दास्तान की गवाही देती हो
उसकी मुस्कान के पीछे
एक लंबी, गहरी चुप्पी छिपी रहती हो
जिसने हर हँसी से पहले
अपने आँसुओं को रोको हों”.,🦋
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