Ravina Mishra आज जहाँ की तारीकी से दुनिया बचकर चलती है, हमने इस विरान महल में लाखों दीप जलाए थे, दिल की विराॅं बस्ती मुझसे अक्सर पूंछा करती है, बसते हैं किस देश में अब वो मेरे पास जो आए थे ।