VeenaShri *आपकी अच्छाइयाँ,* *बेशक अदृश्य हो सकतीं हैं* *किन्तु इनकी छाप हमेशा,* *दूसरों के हृदय मे* *विराजमान रहती है!!* *आनंद का कोई रूप नहीं होता, बस* *हमें हर परिस्थिति से लेना आना चाहिए।* *सुप्रभात* *🙏जय माता दी🙏*