5:05 am Thursday , 23 July 2026
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सप्त दिवसीय श्री राम कथा – छठा दिवस

✨ सप्त दिवसीय श्री राम कथा – छठा दिवस ✨

श्री रघुनाथ जी मंदिर में चल रही श्री राम कथा के छठे दिन कथा व्यास पूज्य पंडित बृजेश पाठक जी ने सत्संग की महिमा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया।

> उन्होंने कहा कि यदि जीवन में भक्ति और भगवान की प्राप्ति करनी है तो सत्संग का आश्रय अनिवार्य है, क्योंकि संत की कृपा से ही भक्ति और भगवान दोनों की प्राप्ति होती है।

उन्होंने रामचरितमानस का उदाहरण देते हुए बताया कि जब हनुमान जी भक्ति स्वरूप माता सीता तक पहुँचे, तो संत विभीषण की कृपा से पहुँचे; और जब विभीषण जी को भगवान राम की प्राप्ति हुई, तो वह संत हनुमान की कृपा से संभव हुई।

भक्ति मार्ग में प्रवेश की पहली सीढ़ी सत्संग ही है—बिना सत्संग के भक्ति का मार्ग खुल ही नहीं सकता।

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