सुनीता पाण्डेय 'सुरभि'🪈🦚🪷🪄🕉️ अंधकार के पाश में, मन था बहुत निराश। सूरज ने आकर किया, अंधकार का नाश।। तिमिर धरा से मिट गया, है प्रकाश चहुंँ ओर। रोम- रोम पुलकित हुआ, देख सुहानी भोर।। - सुनीता पाण्डेय 'सुरभि' आप सभी का दिन शुभ हो सुप्रभात