Ravina Mishra बहुत दिनों बाद सुबह सुबह उठी तो देखती क्या हूँ बाहर भयानक कुहासा छाया हुआ है, आश्चर्य🤔 इस मौसम में🥰😃। शुभ प्रभात, ये रांची है😃 ये मौसम भी बहुत रंग दिखाए है मुझे। फिर एक घंटे तो सोना बनता है😄 मिलती हूँ एक घंटे बाद।