*नमस्ते जी – आचार्य संजीव रूप*
🕉️*आज का पंचांग व संकल्प*🕉️
🚩 *चैत्र – कृष्ण – अष्टमी- २०८२* 🚩
🏵️ *11 * *मार्च* *2026* 🏵️~~~~~~~~~~~~~~~
दिन —– *बुधवार*
तिथि – *अष्टमी*
नक्षत्र — *ज्येष्ठा*
पक्ष —— *कृष्ण*
माह– — *चैत्र*
अमान्त माह – *फाल्गुन- 22
ऋतु — 💐 *बसंत*
सूर्य —- *उत्तरायण *दक्षिण* गोल
विक्रम सम्वत — 2082
दयानन्दाब्द — 202
शक सम्बत -. 1947
कलयुगाब्द,: 5127
सृष्टिसम्वत- 1960853126
*सूर्योदय-/सूर्यास्त* दिल्ली- 6:36/ 6:26। लखनऊ : 6: 26/ 6:16 ।
*सूर्य : कुम्भ राशि / चन्द्र : वृश्चिक*
ब्रह्म मुहूर्त : 5ःO8 / 5:56
🌹 *रूप वाणी*
यदि राजा अपनी राजाज्ञाओं को प्रजा पर बल पूर्वक थोपता है केवल अपनी ही सुनाता है प्रजा की नहीं सुनता ऐसा राजा प्रजा की नज़रों में गिर जाता है ।
🍅 *पहला सुख निरोगी काया*
*स्वर* : गरम पानी में हींग घोलकर गरारे करें , अवश्य लाभ होगा
🌷 *संजीव रूप*
वेदकथाकार,पुरोहित, कवि ,
-यज्ञतीर्थ- गुधनी-बदायूँ(उप्र)
*9997386782*
9870989072 –
*हिन्दी संकल्प पाठ* 🏵
हे परमात्मन् आपको नमन! आपकी कृपा . मैं आज एक यज्ञ कर्म को तत्पर हूँ, आज एक ब्रह्म दिवस के दूसरे प्रहर कि जिसमें वैवस्वत मन्वन्तर वर्तमान है,अट्ठाईसवीं चतुर्युगी का कलियुग वर्तमान है। सृष्टि सम्वत एक अरब छियाननवे करोड़ आठ लाख तिरेपन हजार एक सौ छब्बीसवां है,कलियुगाब्द 5127, विक्रम सम्वत् दो हजार बियासी है,दयानन्दाब्द 2O2 वां है, सूर्य उत्तर अयन में दक्षिण गोल में वर्तमान है ,कि *बसंत ऋतु *मास फाल्गुन ( चैत्र ) *कृष्ण पक्ष- तिथि- अष्टमी* ,नक्षत्र *ज्येष्ठा* है, आज *बुधवार* *11*
*मार्च 2026* को भरतखण्ड के आर्यावर्त देश के अंतर्गत, ..प्रदेश के ….जनपद…के ..ग्राम/शहर…में स्थित (निज घर में,या आर्यसमाज मंदिर में मैं …अमुक गोत्र में उत्पन्न, पितामह श्री ….(नाम लें ).के सुपुत्र श्री .(पिता का नाम लें)उनका पुत्र मैं …आज सुख ,शान्ति ,समृद्धि के लिए तथा आत्मकल्याण के लिए प्रातः वेला में यज्ञ का संकल्प लेता हूँ!(ऋत्विक वरण)- जिसके निर्देशक /ब्रह्मा के रूप में आप आचार्य….. श्री का वरण करता हूँ,
🕉️ *संस्कृत संकल्प पाठ:*🕉
*ओं तत्सद्।श्री ब्रह्मणो दिवसे द्वितीये प्रहरार्धे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचरणे , एकोवृन्दः षण्णवतिकोटि: अष्टलक्षाणि त्रिपञ्चाशत्सहस्राणि षड्विंन्शत्युत्तरशततमे सृष्टिसंवत्सरे, पञ्चसहस्त्राणि सप्तविंशत्युत्तरशततमे कलियुगे, द्वयशीति – द्विसहस्रतमे वैक्रमाब्दे ,, शाके 1947 दयानन्दाब्दे( द्वयाधिकद्वि शततमे ) 202 , रवि उत्तरायणे, दक्षिण गोले* *बसंत* ऋतौ, *चैत्र मासे, *कृष्ण पक्षे, * अष्टमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र बुधवासरे* *तदनुसारम् आङ्गलाब्द 2026 …मार्च मासः, 11
दिनाङ्क*।
जम्बूद्वीपे,…
भरतखण्डे आर्यावर्तान्तर् गते ………प्रदेशे ,……..जनपदे.. ..नगरे……गोत्रोत्पन्नः….श्रीमान्.(पितामह)….(पिता..).पुत्रस्य… अहम् .'(स्वयं का नाम)…..अद्य प्रातः कालीन वेलायाम् सुख शान्ति समृद्धि हितार्थआत्मकल्याणार्थम् ,रोग -शोक निवारणार्थम् . सर्वेषां कृते मङ्गलमयं भूयात्!🙏
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com